
NTA ने NEET परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। एजेंसी के महानिदेशक, सुबोध कुमार सिंह, ने कहा कि केवल 1600 छात्रों ने ही शिकायत दर्ज कराई है, जो कुल 24 लाख उम्मीदवारों का एक छोटा सा हिस्सा है।
छात्रों की शिकायतों की जांच के लिए एक चार सदस्यीय समिति गठित की गई है। यह समिति शिकायतकर्ता छात्रों की बात सुनेगी और उनकी शिकायतों के आधार पर फैसला करेगी। समिति की सिफारिशों के आधार पर, कुछ छात्रों के अंकों में संशोधन किया जा सकता है।
NTA ने यह भी स्पष्ट किया कि NEET परीक्षा में कोई पेपर लीक नहीं हुआ था और पूरी परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी रही है।
कुछ प्रमुख बिंदु:
- आरोप: कई NEET उम्मीदवारों ने आरोप लगाया है कि कुछ केंद्रों पर उनके अंकों को बढ़ा दिया गया था, जिसके परिणामस्वरूप 67 छात्रों को समान अंक प्राप्त हुए और वे सभी टॉपर बन गए।
- NTA का जवाब: NTA ने इन आरोपों को गलत बताया है और कहा है कि केवल 6 केंद्रों पर ही कुछ समय बर्बादी की घटनाएं हुई थीं। इन केंद्रों के छात्रों को मुआवजा दिया गया है और उनकी शिकायतों को दूर करने के लिए उनके अंकों को बढ़ाया गया है।
- आगे की कार्रवाई: 4 सदस्यीय समिति शिकायतों की जांच करेगी और अपनी सिफारिशें एक सप्ताह के अंदर देगी।
यह उम्मीद की जाती है कि NTA की सफाई और समिति की जांच से NEET परीक्षा 2023 को लेकर उठ रहे सभी सवालों का जवाब मिल जाएगा।
मुख्य बिंदु:
- 1600 छात्रों ने NEET परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत दर्ज कराई है।
- चार सदस्यीय समिति शिकायतों की जांच करेगी।
- शिक्षा मंत्रालय ने 1500 छात्रों के परिणामों की पुन: जांच के लिए समिति गठित की है।
- कुछ केंद्रों पर समय की बर्बादी के कारण छात्रों को मुआवजा दिया गया था, जिससे कुछ छात्रों के अंक बढ़ गए थे।
- NTA ने पूरे देश में परीक्षा की शुचिता बनाए रखने का दावा किया है।
आगे क्या होगा:
- चार सदस्यीय समिति शिकायतों की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
- शिक्षा मंत्रालय समिति की रिपोर्ट के आधार पर फैसला लेगा।
- उम्मीद है कि इस प्रक्रिया से शिकायतों का समाधान होगा और सभी छात्रों को न्याय मिलेगा।